हस्तरेखा शास्त्र
हस्तरेखा शास्त्र, जिसे अंग्रेजी में “Palmistry” कहा जाता है, एक प्राचीन ज्योतिषीय विधा है जिसमें हाथ की रेखाओं, उंगलियों, पर्वों, और हथेली की आकृति का अध्ययन करके व्यक्ति के जीवन, भविष्य, और व्यक्तित्व के बारे में अनुमान लगाया जाता है। यह शास्त्र मानता है कि हर व्यक्ति के हाथों में विशेष चिह्न और रेखाएं होती हैं, जो उसके जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं, जैसे कि आयु, स्वास्थ्य, विवाह, करियर, और भाग्य।
हस्तरेखा शास्त्र में वैसे तो कई रेखाएं होती है लेकिन मुख्य रूप से तीन रेखाएं देखी जाती हैं:
- जीवन रेखा (Life Line) – यह रेखा जीवन की लंबाई, सेहत, और महत्वपूर्ण घटनाओं का संकेत देती है।
- हृदय रेखा (Heart Line) – यह व्यक्ति के भावनात्मक जीवन, प्रेम संबंधों, और हृदय के स्वास्थ्य को दर्शाती है।
- मस्तिष्क रेखा (Head Line) – यह रेखा व्यक्ति के विचारों, तर्कशक्ति, और बौद्धिक क्षमताओं के बारे में जानकारी प्रदान करती है।
इसके अलावा अन्य रेखाएं भी होती हैं जैसे भाग्य रेखा, सूर्य रेखा, विवाह रेखा, आदि, जो व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव डालती हैं। हथेली की आकृति, उंगलियों की लंबाई, और पर्वों की स्थिति भी हस्तरेखा शास्त्र में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
हस्तरेखा शास्त्र का उद्देश्य किसी व्यक्ति के जीवन के संभावित घटनाक्रमों को समझना और भविष्यवाणी करना है, अगर आप भी हस्तरेखा विज्ञान सीखना चाहते है और अपने आस पड़ोस में धाक जमाना चाहते हो तो यह फॉर्म भर दीजिये, आने वाला १५ नवम्बर से नया बेच प्रारम्भ होने वाला है , इसमें अपनी सीट तुरंत बुक करें।






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