Baglamukhi Puja
बगलामुखी मंत्र (Baglamukhi Mantra) तांत्रिक और शक्तिशाली मंत्रों में से एक है, जो देवी बगलामुखी को समर्पित है। देवी बगलामुखी को दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है और उनकी पूजा विशेष रूप से शत्रु नाश, वाक् सिद्धि, और विजय प्राप्ति के लिए की जाती है। देवी बगलामुखी को “पीताम्बरा” के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि वह पीले वस्त्र धारण करती हैं और उनकी पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व है।
बगलामुखी मंत्र का महत्व:
देवी बगलामुखी को स्तंभन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। “स्तंभन” का अर्थ होता है शत्रुओं या विरोधियों की बुरी शक्तियों को रोकना या उनका नियंत्रण करना। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकता है, शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति पा सकता है, और न्यायालय के मामलों में सफलता प्राप्त कर सकता है। यह मंत्र विशेष रूप से किसी विवाद, शत्रु से रक्षा, और जीवन में स्थिरता प्राप्त करने के लिए जपा जाता है।
बगलामुखी मंत्र:
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय।
जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
बगलामुखी मंत्र का महत्व और लाभ:
- शत्रु नाश: बगलामुखी मंत्र शत्रुओं के षड्यंत्रों को रोकने और उनकी योजनाओं को विफल करने के लिए अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है। यह मंत्र शत्रुओं की वाणी, बुद्धि और क्रियाओं को नियंत्रित करने में सहायक होता है।
- वाक् सिद्धि और न्यायिक मामलों में विजय: इस मंत्र का नियमित जाप व्यक्ति की वाणी को प्रभावशाली बनाता है, जिससे वह अपने शब्दों के द्वारा लोगों को प्रभावित कर सकता है। यह मंत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी होता है जो न्यायालय में मुकदमे लड़ रहे होते हैं या किसी विवाद का सामना कर रहे होते हैं।
- मानसिक शांति और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति: यह मंत्र व्यक्ति के चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का कवच बनाता है और उसे नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर से बचाता है। इसके जप से व्यक्ति मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त करता है।
- भय और चिंताओं से मुक्ति: बगलामुखी मंत्र के जाप से व्यक्ति के जीवन में आने वाले भय, चिंता, और अवसाद जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। यह व्यक्ति को साहस और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
- आध्यात्मिक शक्ति और सिद्धि प्राप्ति: इस मंत्र का जप साधक को आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली बनाता है और उसे विभिन्न सिद्धियों की प्राप्ति में सहायक होता है। इसे तांत्रिक साधना में विशेष स्थान प्राप्त है।
बगलामुखी मंत्र का जाप कैसे करें:
- विशेष समय: इस मंत्र का जाप आमतौर पर रात के समय, विशेष रूप से अमावस्या या पूर्णिमा के दिन किया जाता है। इसके अलावा, ग्रहण के समय भी इस मंत्र का जप अत्यधिक फलदायी माना जाता है।
- पीला वस्त्र और पीले रंग का महत्व: बगलामुखी देवी को पीले रंग से बहुत प्रेम है, इसलिए इस मंत्र का जाप करते समय साधक को पीले वस्त्र धारण करने चाहिए और पूजा स्थल पर पीले फूलों का उपयोग करना चाहिए।
- मंत्र जप विधि: इस मंत्र का जाप 108 बार रुद्राक्ष या हल्दी की माला से करना शुभ माना जाता है। साधक को एकांत और शुद्ध स्थान पर बैठकर, मन को शांत करके और पूरी श्रद्धा से इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
ध्यान रखने योग्य बातें:
- किसी विशेष कार्य, जैसे शत्रु नाश, मुकदमे में विजय, या अन्य बाधाओं को दूर करने के लिए इस मंत्र का प्रयोग करने से पहले किसी गुरु का मार्गदर्शन लेना उचित होता है।
- यह मंत्र बहुत ही शक्तिशाली है, इसलिए इसे सही विधि से और सावधानी के साथ जपना चाहिए।
बगलामुखी मंत्र देवी बगलामुखी की स्तंभन शक्ति को आह्वान करता है और व्यक्ति को शत्रुओं के षड्यंत्रों, मानसिक कष्टों, और नकारात्मक शक्तियों से बचाने में सहायक होता है। इसके जप से साधक शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है, न्यायिक मामलों में सफलता प्राप्त करता है, और मानसिक शांति और स्थिरता पाता है। यह मंत्र जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और साधक को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। अगर आप बगलामुखी मंत्र स्वयं से नहीं कर पा रहे और चाहते है की आपके लिए कोई अन्य यह मंत्र जाप कर दे ऐसी स्तिथि में संस्थान में कार्यरत पंडित जी आपकी और से यह उपासना करेंगे इसमें बगलामुखी मंत्र का २१००० जाप है, यह मंत्रो का अनुष्ठान एक हवन के साथ संपन्न होता है जिसकी रिकार्डिंग आपको भेज दी जाती है और आपको प्रसाद आपके पते पर भेज दी जाती है।
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